भारत का संविधान

भारत का संविधान

[१ दिसम्बर, १९५७ तक यथा रूपभेदित]

THE CONSTITUTION OF INDIA

(As modified up to the 1st December, 1957)

PREFACE

The Constituent Assembly of India had by resolution authorised me to publish under my authority a Hindi Translation of the Constitution by the 26th January 1950, and translations of the Constitution in other languages as soon afterwards as I could arrange. I felt it desirable that in the translations of the Constitution in the different languages of India the same equivalents, if possible, should be used for the English terms of legal and constitutional import that occur in that document. I, therefore, called a conference of language experts to evolve as far as possible a common terminology which could be used for the translations of the Constitution in the various languages and ultimately also in all official administrative, legal and judicial work of the country. It met under the Chairmanship of the Honourable Shri Ghanshyam Singh Gupta, Speaker, Central Provinces’ Assembly. It had on it representatives of all the languages specified in the Eighth Schedule. The Conference prepared a glossary of the terms used in the Constitution and the Expert Translation Committee which had been entrusted with the work of translating Constitution in Hindi has made use of these terms alone in preparing this translation.

Some of the terms used in this translation of the Constitution may appear at present to be rather new to some people. But it must be remembered that these terms have been found to be acceptable to the majority of the languages of India and as such will either command today or in the near future the greatest measure of intelligibility. Some words may also be found to be used in a sense in which they are not ordinarily used in Hindi. Thus the word jamin has been used to indicate ‘bail’ whereas its ordinary significance in Hindi is the person who offers ‘bail’ “. But this difference in the meaning of the term has been found to be necessary because the term jamin is used for ‘bail’ in the majority of the Indian languages. Some of the new terms that may be found in the translation of the Constitution have come in as a result of the decision of the Language Conference which considered terms of different languages for the purpose of fixing equivalents of the English terms. The term pamcata, for example is used in Kashmiri language for ‘award’ and it was found to be acceptable to the members of the Conference and consequently the term ‘award’ has been translated in this translation as pamcata. It may be hoped that the terms used in this translation would become the standard Hindi terms for official use when Hindi begins to be used for official purposes in the Union and the States.

NEW DELHI:

24th January, 1950.
RAJENDRA PRASAD

प्राक्कथन

भारतीय संविधान-सभा ने एक प्रस्ताव द्वारा मुझे यह अधिकार दिया था कि मैं, अध्यक्ष की हैसियत से, संविधान का हिन्दी अनुवाद, २६ जनवरी, १९५० ई० तक, तथा, उस के बाद यथाशीघ्र अन्य भाषाओं में भी इस के अनुवाद प्रकाशित करा दूं। मझे यह वांछनीय प्रतीत हुआ कि विभिन्न भारतीय भाषाओं में संविधान के जो अनुवाद तैयार किये जायें उन सब में, अगर सम्भव हो तो, संविधान में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्दों के लिये जिन का कि विशेष संविधानिक या कानूनी अर्थ है, एक ही पर्याय प्रयोग में लाये जायें। इस लिये मैंने भाषा-विशेषज्ञों का एक सम्मेलन बुलाया कि वह, जहां तक सम्भव हो, ऐसे पारिभाषिक शब्द प्रस्तुत करें जो प्रायः सर्वत्र प्रयुक्त होते हों और जिन को हम विभिन्न भाषाओं में निकलने वाले संविधान के अनुवादों में प्रयुक्त कर सकें और अन्ततोगत्वा जिनको हम अन्य सरकारी, कानूनी, अदालती और शासन सम्बन्धी कामों में भी प्रयुक्त कर सकें। यह सम्मेलन मध्य प्रांतीय विधान-सभा के अध्यक्ष श्री घनश्यामसिंह गुप्त के सभापतित्व में समवेत हुआ। इस में अनुसूची ८ में दी हुई सभी भाषाओं के प्रख्यात विद्वान प्रतिनिधि स्वरूप सम्मिलित हुए। इस सम्मेलन ने संविधान में प्रयुक्त पारिभाषिक शब्दों का एक कोष तैयार किया और अनुवाद-समिति ने, जिसे कि संविधान के हिन्दी रूपांतर का काम सौंपा गया था, हिन्दी अनुवाद तैयार करने में केवल इन्हीं शब्दों का प्रयोग किया है।

संविधान के इस अनुवाद में प्रयुक्त कई शब्द, संभव है, कुछ लोगों को फिलहाल बिल्कुल नये से प्रतीत हों। पर इस सम्बन्ध में यह याद रखना चाहिये कि ये शब्द भारत की अधिकांश भाषाओं के प्रतिनिधियों को स्वीकार्य हैं और इस लिये देश के अधिकांश लोगों को या तो अभी या निकट भविष्य में अवश्य बोधगम्य हो जायेंगे। कुछ शब्द इस में ऐसे भी मिलेंगे जिन का प्रयोग उस से कुछ भिन्न अर्थ में हुआ है जिस में कि आमतौर पर इनका प्रयोग हिन्दी में हुआ करता है। मसलन ‘जामिन’ शब्द इस में ‘bail’ के अर्थ में प्रयुक्त किया गया है किन्तु हिन्दी में ‘जामिन’, से साधारणतः वह व्यक्ति समझा जाता है जो किसी की जमानत के लिये खड़ा हो। किन्तु यहां इस शब्द को भिन्न अर्थ में रखना इस लिये जरूरी समझा गया कि अधिकांश भारतीय भाषाओं में ‘जामिन’ शब्द ‘bail’ के अर्थ में प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत अनुवाद में आने वाले नये शब्दों में से कुछ तो ऐसे हैं, जो भाषा-सम्मेलन के निर्णय के फल स्वरूप, जिसने कि अंग्रेजी के पारिभाषिक शब्दों के पर्याय निश्चित करने के लिये विभिन्न भाषाओं के शब्दों पर विचार किया, यहां लिये गये हैं। उदाहरण के लिये ‘पंचाट’ शब्द काश्मीरी जुवान में ‘award’ के लिये प्रयोग में आता है और चूंकि यह शब्द सम्मेलन के सदस्यों को मान्य हुआ इस लिये इस अनुवाद में ‘award’ का अनुवाद ‘पंचाट’ किया गया है। आशा है कि जब भारतीय संघ और उस के अंगभूत राज्यों में सरकारी कामों के लिये हिन्दी बरती जाने लगेगी तो ये शब्द, जिन का कि इस अनुवाद में प्रयोग हुआ है, सरकारी कामों के लिये प्रामाणिक हिन्दी शब्द माने जायेंगे।

नई दिल्लीः

२४ जनवरी, १९५०.
राजेन्द्र प्रसाद

The following Acts have been reproduced in the Appendix:–

  1. The Constitution (First Amendment) Act, 1951.
  2. The Constitution (Second Amendment) Act, 1952.
  3. The Constitution (Third Amendment) Act, 1954.
  4. The Constitution (Fourth Amendment) Act, 1955.
  5. The Constitution (Fifth Amendment) Act, 1955.
  6. The Constitution (Sixth Amendment) Act, 1956.
  7. The Constitution (Seventh Amendment) Act, 1956.

NOTE—The Constitution of India has been applied to the State of Jammu and Kashmir by the Constitution (Application to Jammu and Kashmir) Order, 1954(C.O. 48, dated the 14th May, 1954) with certain exceptions and modifications and such exceptions and modifications are given in footnotes to appropriate Parts, articles and clauses,

परिशिष्ट में निम्नलिखित अधिनियम दिये गये है:—

  1. संविधान (प्रथम संशोधन) अधिनियम, १९५१
  2. संविधान (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, १९५२
  3. संविधान (तृतीय संशोधन) अधिनियम, १९५४
  4. संविधान (चतुर्थ संशोधन) अधिनियम, १९५५
  5. संविधान (पंचम संशोधन) अधिनियम, १९५५
  6. संविधान (षष्ठ संशोधन) अधिनियम, १९५६
  7. संविधान (सप्तम संशोधन) अधिनियम, १९५६

टिप्पणी—भारत का संविधान कुछ अपवादों और रूपभेदों के साथ संविधान (जम्मू और कश्मीर को लागू होना) आदेश, १९५४ (सी० ओ० ४८, तारीख १४ मई, १९५४) द्वारा जम्मू और कश्मीर राज्य को लागू कर दिया गया है। ऐसे अपवाद और रूपभेद समचित भागों, अनुच्छेदों और खंडों की पाद टिप्पणियों में दिये गये है।


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