द्वत्तिं साकारो-Dvttim sakara- Pali Tripitaka

॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स॥ तिपिटक (मूल) सुत्तपिटक खुद्दकनिकाये खुद्दकपाठपाळि द्वत्तिंसाकारो(3) द्वत्तिं साकारो अत्थि इमस्मिं काये – केसा लोमा नखा दन्ता तचो, मंसं नहारु Continue Reading

दससिक्खापदं-Dasha Sikhha Padam-Pali Tripitaka

॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स॥ तिपिटक (मूल) सुत्तपिटक खुद्दकनिकाये खुद्दकपाठपाळि   १. पाणातिपाता वेरमणी–सिक्खापदं  समादियामि। २. अदिन्‍नादाना वेरमणी-सिक्खापदं समादियामि। ३. अब्रह्मचरिया वेरमणी-सिक्खापदं समादियामि। ४.Continue Reading

महा परि निब्बान सुत्तं-MAHA PARI NIBBANA SUTTA : Devanagari Pali Text

Prachin Bharat

एवं मे सुतं – एकं समयं भगवा राजगहे विहरति गिज्झकूटे पब्बते। तेन खो पन समयेन राजा मागधो अजातसत्तु वेदेहिपुत्तो वज्‍जी अभियातुकामो होति। सो एवमाह – ‘‘अहं हिमे वज्‍जी एवंमहिद्धिके एवंमहानुभावे उच्छेच्छामि वज्‍जी, विनासेस्सामि वज्‍जी, अनयब्यसनं आपादेस्सामि वज्‍जी’’ति

पदसाधनं- Pada Sadhanam- Pali Grammar

जिनवचनानुरूपा अकारदेयो निग्गहितन्ता तेचत्ताळी सक्खरा पच्‍चेकं वण्णा नाम होन्ति यथा – अ आ इ ई उ ऊ ए ओ क ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ण त थ द ध न प फ ब भ म य र ल व स ह ळ अं इति-ककारादिस्वकारो उच्‍चारणत्थो = वणणीयति अत्थो एतेहीति वण्ना-अआदि मरियादा भूतो येसन्तो अआदयो।