श्री अन्नपूर्णास्तोत्रम् – अन्नपूर्णाष्टकम्

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी
निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी ।
प्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी
भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी

कलि विडम्बनं – नीलकण्ठ Kali Bidambanam by Nilakantha Dikshit

स्वस्थैरसाध्यरोगैश्च जन्तुभिर्नास्ति किं चन ।
कातरा दीर्घरोगाश्च भिषजां भाग्यहेतवस् ॥ २३ ॥

A physician has no use of persons who are healthy or in the terminal stage of sickness. His sources of fortune are those who fear illness and those with protracted illness (23).

मिट गया जब मिटने वाला फिर सलाम आया तो क्या-Mit gaya jab mitne wala fir salam aya to ka-Ram Prasad ‘Bismil’

What's the use hats off, when the person died, What's the use of message which came after tide. मिट गया जब मिटने वाला फिर सलाम आया तो क्या ! दिल की बर्वादी के बाद उनका पयाम आया तो क्या !…

Jazva-E-Shaheed-हम भी आराम उठा सकते थे घर पर रह कर-Ram Prasad ‘Bismil’

हम भी आराम उठा सकते थे घर पर रह कर, हमको भी पाला था माँ-बाप ने दुःख सह-सह कर ,

वक्ते-रुख्सत उन्हें इतना भी न आये कह कर, गोद में अश्क जो टपकें कभी रुख से बह कर ,

तिफ्ल उनको ही समझ लेना जी बहलाने को !

Sarfaroshi Ki Tamanna-सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है : Ram Prasad ‘Bismil’

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए-क़ातिल में है !वक़्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमाँ ! हम अभी से क्या बताएँ क्या हमारे दिल में है !

Chinta – hindi poetry by Jaisankar Prasad

हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर, बैठ शिला की शीतल छाँह, एक पुरुष, भींगे नयनों से देख रहा था प्रलय प्रवाह । नीचे जल था ऊपर हिम था, एक तरल था एक सघन, एक तत्व की ही प्रधानता-कहो उसे जड़ या…