Category: Sanatan Dharma

Lok Sabha Debates on Sethu-Samudram Canal Project-16/05/2007

I should address you better late than never. The subject must have already been within your attention, and is known as Sethu-Samundram Shipping Canal project…..the facts with scientific objectivity and national anxiety. My appeal to you is to stop building any bridge or other construction, an action hostile to the nation and its Swaraj. Our nation will be weaken and may suffer new dangers with American presence in the Sethu-Samundram waters by doing what for centuries has never been considered necessary or feasible or in any manner advantageous to us

शाण्डिल्य भक्ति सूत्र-Sandilya Bhakti Sutra-OSHO Explained

भक्ति जीवन का परम स्वीकार है। इसलिए शुभ ही है कि शांडिल्य अपने इस अपूर्व सूत्र—ग्रंथ का उदघाटन ओम से करते हैं। ठीक ही है, क्योंकि भक्ति जीवन में संगीत पैदा करने की विधि है। जिस दिन तुम संगीतपूर्ण हो जाओगे; जिस दिन तुम्हारे भीतर एक भी स्वर ऐसा न रहेगा जो व्याघात उत्पन्न करता है; जिस दिन तुम बेसुरे न रहोगे, उसी दिन प्रभु मिलन हो गया।

वेदार्थ सङ्ग्रहः-Vedartha Sangraha- Ramanuja

यो माम् अजम् अनादिं च वेत्ति लोकमहेश्वरम् । द्वाविमौ पुरषौ लोके क्षरश्चाक्षर एव च । क्षरः सर्वाणि भूतानि कूटस्थो ऽक्षर उच्यते ॥ उत्तमः पुरुषस्त्वन्यः परमात्मेत्युदाहृतः । यो लोकत्रयम् आविश्य विभर्त्यव्यय ईश्वरः ॥ कालं च पचते तत्र न कालस्तत्र वै प्रभूः । एते वै निरयास्तात स्थानस्य परमात्मनः ॥ अव्यक्तादिविशेषान्तं परिणामर्द्धिसंयुक्तम् । क्रीडा हरेरिदं सर्वं क्षरम् इत्यवधार्यताम् ॥ कृष्ण एव हि लोकानाम् उत्पत्तिरपि चाप्ययः । कृष्णस्य हि कृते भूतम् इदं विश्वं चराचरम् ॥

Sree Chaitanya-Raghupathi Venkataratnam Naidu-1886

The man without bondage

Chaitanya, the apostle of Vaishnavism in Bengal, was born at Navadweepa (Nuddea), in 1485 of the Christian Era; and was, therefore, two years younger than that immortal champion of Christian Protestantism, Martin Luther.*[1] Portents and miracles have always heralded a great man into the world. Nature is supposed to rejoice at the advent of a noble soul, by breaking through its law and uniformity.

Sarasvati-Sindhu Civilization-Dr S. Kalyanaraman

Sarasvati-Sindhu civilization flourished circa 3000 to 1700 BC on the river valleys of Indus and Sarasvati rivers. The drying-up of the Sarasvati river led to migrations of people eastwards to the Ganga-Yamuna doab and southwards from the Rann of Kutch and Pravara (feeder into the Godavari river near Daimabad in Maharashtra) river valley, along the Arabian sea coast.

माहेश्वरसूत्राणि-Maheswara sutra

माहेश्वरसूत्राणि अ इ उ ण् ॥१॥ ऋ लृ क् ॥२॥ एओङ् ॥३॥ ऐऔच् ॥४॥ हयवरट् ॥५॥ लण् ॥६॥ ञमङणनम् ॥७॥ झभञ् ॥८॥ घढधष् ॥९॥ जबगडदश् ॥१०॥ खफछठथचटतव् ॥११॥ कपय् ॥१३२॥ शषसर् ॥१३॥ […]

कामसूत्रम्-साधारणम्

कामसूत्रम्-वात्स्यायनः- प्रमाणकालभावेभ्यो रतअवस्थापनम्/ प्रीतिविशेषाः/ आलिङ्गनविचाराः/ चुम्बनविकल्पाः/ नखरदनजातयः/ दशनच्छेद्यविधयः/ देश्या उपचाराः/ संवेशनप्रकाराः/ चित्ररतानि/ प्रहणनयोगाः/ तद्युक्ताश् च सीत्कृतौपक्रमाः/ पुरुषायितम्/ पुरुषोपसृप्तानि/ औपरिष्टकम्/ रतआरम्भअवसानिकम्/ रतविशेषाः/ प्रणयकलहः/ इति सांप्रयोगिकं द्वितीयम् अधिकरणम्/ अध्याया दश/ प्रकरणानि सप्तदश/

राष्ट्रभृतां ब्राह्मणम्-तैत्तिरीयसंहिता

राष्ट्रकामाय होतव्या राष्ट्रं वै राष्ट्रभृतो राष्ट्रेणैवास्मै राष्ट्रम् अव रुन्द्धे राष्ट्रम् एव भवति ।
आत्मने होतव्या राष्ट्रं वै राष्ट्रभृतो राष्ट्रम् प्रजा राष्ट्रम् पशवो राष्ट्रं यच् छ्रेष्ठो भवति राष्ट्रेणैव राष्ट्रम् अव रुन्द्धे वसिष्ठः समानानाम् भवति ग्रामकामाय होतव्या राष्ट्रं वै राष्ट्रभृतो राष्ट्रम् सजाता राष्ट्रेणैवास्मै राष्ट्रम् सजातान् अव रुन्द्धे ग्रामी एव भवति