नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः [ DEVI SUKTAM]

Sanskrit अथ तन्त्रोक्तं देविसुक्तम् नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः। नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्मतां ॥१॥ रौद्राय नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः ज्योत्स्नायै चेन्दुरूपिण्यै सुखायै सततं नमः ॥२॥ कल्याण्यै प्रणता वृद्ध्यै सिद्ध्यै कुर्मो नमो नमः। नैरृत्यै भूभृतां लक्ष्मै शर्वाण्यै ते नमो नमः ॥३॥ दुर्गायै दुर्गपारायै सारायै सर्वकारिण्यै ख्यात्यै तथैव कृष्णायै धूम्रायै सततं नमः ॥४॥ अतिसौम्यतिरौद्रायै… Read More नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः [ DEVI SUKTAM]

Maharishi Dayanand Saraswati on Christianity[ 1875]

जो यह बाइबल का मत है कि वह केवल ईसाइयों का है सो नहीं किन्तु इससे यहूदी आदि भी गृहीत होते हैं। जो यहां तेरहवें समुल्लास में ईसाई मत के विषय में लिखा है इसका यही अभिप्राय है कि आजकल बाइबल के मत में ईसाई मुख्य हो रहे हैं और यहूदी आदि गौण हैं। मुख्य के ग्रहण से गौण का ग्रहण हो जाता है, इससे यहूदियों का भी ग्रहण समझ लीजिये। इनका जो विषय यहां लिखा है सो केवल बाइबल में से कि जिसको ईसाई और यहूदी आदि सब मानते हैं और इसी पुस्तक को अपने धर्म का मूल कारण समझते हैं। इस पुस्तक के भाषान्तर बहुत से हुए हैं जो कि इनके मत में बड़े-बडे़ पादरी हैं उन्हीं ने किये हैं। उनमें से देवनागरी व संस्कृत भाषान्तर देख कर मुझको बाइबल में बहुत सी शंका हुई हैं। उनमें से कुछ थोड़ी सी इस १३ तेरहवें समुल्लास में सब के विचारार्थ लिखी हैं। यह लेख केवल सत्य की वृद्धि औेर असत्य के ह्रास होने के लिये है न कि किसी को दुःख देने वा हानि करने अथवा मिथ्या दोष लगाने के अर्थ ही।… Read More Maharishi Dayanand Saraswati on Christianity[ 1875]

Maharishi Dayanand Saraswati on Islam[ 1875]

चौदहवें समुल्लास   अनुभूमिका (४) जो यह १४ चौदहवां समुल्लास मुसलमानों के मतविषय में लिखा है सो केवल कुरान के अभिप्राय से। अन्य ग्रन्थ के मत से नहीं क्योंकि मुसलमान कुरान पर ही पूरा-पूरा विश्वास रखते हैं यद्यपि फिरके होने के कारण किसी शब्द अर्थ आदि विषय में विरुद्ध बात है तथापि कुरान पर सब ऐकमत्य… Read More Maharishi Dayanand Saraswati on Islam[ 1875]

Ashtadhyayi – Panini Sutra [ Hindu]

पाणिनये नमः। SANSKRIT GRAMMAR BY PANINI MUNI अष्टाध्यायी – EIGHT CHAPTERS -IS THE NAME OF THE GRAMMAR Panini explained both Vaidik and Village Languages 4 × 4 = 16 Sub-chapters माहेश्वर-सूत्राणि -14 [9 and 4] अ इ उ ण् । ऋ ऌ क् । ए ओ ङ् । ऐ औ च् । ह य व र… Read More Ashtadhyayi – Panini Sutra [ Hindu]

Kathopanisad [Hindu]

॥ कठोपनिषत् ॥ ॐ ॥ अथ कठोपनिषद् ॥ ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सहवीर्यं करवावहै । तेजस्वि नावधीतमस्तु । मा विद्विषावहै ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ Part I Canto I ॐ उशन् ह वै वाजश्रवसः सर्ववेदसं ददौ । तस्य ह नचिकेता नाम पुत्र आस ॥ १॥ तँ ह कुमारँ सन्तं दक्षिणासु… Read More Kathopanisad [Hindu]

Isopanisad [Hindu]

॥ ईशोपनिषत् ॥ Santi patha ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ॥ ॥ अथ ईशोपनिषत् ॥   ॐ ईशा वास्यमिद सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् । तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥ १॥ कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेच्छतꣳ समाः । एवं त्वयि नान्यथेतोऽस्ति न कर्म लिप्यते नरे ॥ २॥ असुर्या… Read More Isopanisad [Hindu]

Manu Smriti – Laws of Manu

KEYWORDS:- HINDU LAW- MANAB DHARMA SASTRAM-VAIDIK KARMA- ॥ मनुस्मृति अथवा मानवधर्मशास्त्रम् ॥-Manu smriti or Manab dharma Sastram] अध्याय १ CHAPER 1 ं१।०१अ/ मनुमेकाग्रमासीनमभिगम्य महर्षयः । ं१।०१च्/ प्रतिपूज्य यथान्यायमिदं वचनमब्रुवन् ॥ ं१।०२अ/ भगवन् सर्ववर्णानां यथावदनुपूर्वशः । ं१।०२च्/ अन्तरप्रभवानां च धर्मान्नो वक्तुमर्हसि ॥ ं१।०३अ/ त्वमेको ह्यस्य सर्वस्य विधानस्य स्वयंभुवः । ं१।०३च्/ अचिन्त्यस्याप्रमेयस्य कार्यतत्त्वार्थवित् प्रभो ॥ Bछ्.Sछ्॥ ं१।०४अ/… Read More Manu Smriti – Laws of Manu

Chanakya(Kautilya) Sutra [Hindu]

॥ चाणक्यानि अथवा कौटिलीयानि नीतिसूत्राणि ॥ अथ प्रथमोऽध्यायः ॥ सा श्रीर्वोऽव्यात् ॥ १॥ सुखस्य मूलं धर्मः ॥२॥ धर्मस्य मूलमर्थः ॥ ३॥ अर्थस्य मूलं राज्यम् ॥ ४॥ राज्यमूलमिन्द्रियजयः ॥ ५॥ इन्द्रियजयस्य मूलं विनयः ॥ ६॥ विनयस्य मूलं वृद्धोपसेवा ॥ ७॥ वृद्धसेवाया विज्ञानम् ॥ ८॥ विज्ञानेनात्मानं सम्पादयेत् ॥ ९॥ सम्पादितात्मा जितात्मा भवति ॥ १०॥ जितात्मा सर्वार्थैः संयुज्यते… Read More Chanakya(Kautilya) Sutra [Hindu]

Patanjali Yoga Sutra [Hindu]

॥ पातञ्जलयोगसूत्राणि ॥ ॥ महर्षि पतञ्जलि प्रणीतं योगदर्शनम् ॥ ॥ प्रथमोऽध्यायः ॥ ॥ समाधि-पादः ॥ अथ योगानुशासनम् ॥ १॥ योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः ॥ २॥ तदा द्रष्टुः स्वरूपेऽवस्थानम् ॥ ३॥ वृत्तिसारूप्यमितरत्र ॥ ४॥ वृत्तयः पञ्चतय्यः क्लिष्टाऽक्लिष्टाः ॥ ५॥ प्रमाणविपर्ययविकल्पनिद्रास्मृतयः ॥ ६॥ प्रत्यक्षानुमानागमाः प्रमाणानि ॥ ७॥ विपर्ययो मिथ्याज्ञानमतद्रूपप्रतिष्ठम् ॥ ८॥ शब्दज्ञानानुपाती वस्तुशून्यो विकल्पः ॥ ९॥ अभावप्रत्ययालम्बना वृत्तिर्निद्रा ॥ १०॥… Read More Patanjali Yoga Sutra [Hindu]

Brahma Sutra [Hindu ]

॥ ब्रह्मसूत्राणि ॥ ॥ श्री बादरायणाभिधेयश्रीवेदव्यासमहर्षिप्रणीतानि  श्री ब्रह्मसूत्राणि॥ ॥ अथ प्रथमोऽध्यायः॥ ॐ अथातो ब्रह्मजिज्ञासा ॐ ॥ १.१.१॥ ॐ जन्माद्यस्य यतः ॐ ॥ १.१.२॥ ॐ शास्त्रयोनित्वात् ॐ ॥ १.१.३॥ ॐ तत्तुसमन्वयात् ॐ ॥ १.१.४॥ ॐ ईक्षतेर्नाशब्दम् ॐ ॥ १.१.५॥ ॐ गौणश्चेन्नात्मशब्दात् ॐ ॥ १.१.६॥ ॐ तन्निष्ठस्य मोक्षोपदेशात् ॐ ॥ १.१.७॥ ॐ हेयत्वावचनाच्च ॐ ॥ १.१.८॥ ॐ स्वाप्ययात्… Read More Brahma Sutra [Hindu ]

Hindu Philosophy

The Schools Darshan Teacher Teachings Vaisheshika Kanada Physics,especially atomic theory Nyaya Gautama Logic and epistemology Sankhya Kapila Muni Physics and metaphysics Yoga Patanjali Sadhana (spiritual practices) Mimamsa Jaimini Hermeneutics and ritual Vedanta Vyasa Metaphysics

Sanskrit Documents

Sanskrit Words Used In Balmiki Ramayana Panini Dhatu Path- Verbal Roots Glorification Of Wife – In Hindu Tradition Mundaka Upanisad Of Atharva Veda Bhagabat Gita Brahma Sutra- Introduction Brahma Sutra [Hindu ] Chanakya(Kautilya) Sutra [Hindu] Patanjali Yoga Sutra [Hindu]  

Mundaka Upanisad of Atharva Veda

॥ मुण्डकोपनिषत् ॥ ॥ श्रीः॥ ॥ मुण्डकोपनिषत् ॥ ॐ भद्रं कर्णेभिः श्रुणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवाꣳसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु। ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ ॥ ॐ ब्रह्मणे नमः ॥ ॥ प्रथममुण्डके प्रथमः खण्डः ॥ ॐ ब्रह्मा देवानां प्रथमः… Read More Mundaka Upanisad of Atharva Veda

Bhagabat Gita

Law Library Arjun Vishad Yog Sankhya Yog Karma Yog Gyan-Karma-Sanyas Yog Karma-Sanyas Yog Dhyan Yog Gyan-Vigyan Yog Akshar-Brahma Yog Raj Vidya Raj Guyha Yog Vibhuti Yog Vishvaroop Darshan Yog Bhakti Yog Kshetra-Kshetragya Vibhag Yog Gun-tray Vibhag Yog Purushotta Yog Daivasur-Sampdvibhag Yog Shradhatray Vibhag Yog Moksha-Sanyas Yo  ॐ श्री परमात्मने नमः  अथ श्रीमद्भगवद्गीता  ॐ तत्सदिति श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु ब्रह्मविद्यायां… Read More Bhagabat Gita