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Pali Text

॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स॥ तिपिटक (मूल) सुत्तपिटक खुद्दकनिकाये खुद्दकपाठपाळि द्वत्तिंसाकारो(3) द्वत्तिं साकारो अत्थि इमस्मिं काये...
॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स॥ तिपिटक (मूल) सुत्तपिटक खुद्दकनिकाये खुद्दकपाठपाळि   १. पाणातिपाता वेरमणी–सिक्खापदं  समादियामि। २....
१. अआदयो तितालीस वण्णा। २. दसा-दो सरा। ३. द्वेद्वे सवण्णा। ४. पुब्बो रस्सो। ५. परो दीघो।
बुद्धो हेस्सं यदा लोके निद्देसो हं तदा इति। पापुणिस्स महङ्कारं को वादो पनि हन्तरे- अप्पच्‍चयो परो होति भूवादि गणतो...
भू सत्तायं पच पाके गमुसप्प गतिम्हि (च)। सिलोक (धातु) सङ्घाते सकि सङ्काय (वत्तते।)॥
सततवितत कित्तिं धस्तकन्दप्पदप्पं तिभवहितविधानं सब्बलोकेककेतुं, अमितमतिमनग्घं सन्तिदं मेरुसारं सुगतमहमुदारं रूपसारं नमामि।