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09/04/2026
  • Pali Text

कच्‍चायनब्याकरणं Kachchayana Pali Vyakaranam (Sutra Prakaranam)

Kaccayana's Pali Grammar, known as Kachchayana Vyakaranam, consists of 683 sutras articulating the principles of Pali grammar. The text covers phonetics, morphology, and syntax, providing comprehensive guidance on the structure and formation of words. It includes sections on sandhi, names, case markers, compounds, and derivations. Overall, the grammar emphasizes the complexity of Pali language rules, incorporating elaborate definitions and examples. It serves as a vital reference for understanding and constructing Pali sentences, facilitating both linguistic study and the application of the language. The work is attributed to Maha Kachchayana, reflecting a significant contribution to Pali linguistic traditions.
advtanmoy 18/03/2020 1 minute read

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Pali Texts

Home » Law Library Updates » Law Library » Books » Buddhist & Jaina Texts » Pali Text » कच्‍चायनब्याकरणं Kachchayana Pali Vyakaranam (Sutra Prakaranam)

Kaccayana’s Pali Grammar (1100 CE)

॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स॥

कच्‍चायनब्याकरणं – Kachchayana Vyakaranam-Sutra Prakaranam

अ आ इ ई उ ऊ ए ओ, क ख ग घ ङ, च छ ज झ ञ, ट ठ ड ढ ण, त थ द ध न, प फ ब भ म, य र ल व स ह ळ अं, इति अक्खरा नाम।

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१. सन्धि

१, १. अत्थो अक्खरसञ्‍ञातो।

२, २. अक्खरापादयो एकचत्तालिसं।

३, ३ तत्थोदन्ता सरा अट्ठ।

४, ४. लहुमत्ता तयो रस्सा।

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५, ५. अञ्‍ञे दीघा।

६, ८. सेसा ब्यञ्‍जना।

७, ९. वग्गा पञ्‍चपञ्‍चसो मन्ता।

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८, १०. अंइति निग्गहितं।

९, ११. परसमञ्‍ञा पयोगे।

१०, १२. पुब्बमधोठितमस्सरं सरेन वियोजये।

११, १४. नये परं युत्ते।

इति सन्धिकप्पे पठमो कण्डो।

१२, १३. सरा सरे लोपं।

१३, १५. वा परो असरूपो।

१४, १६. क्‍वचासवण्णं लुत्ते।

१५, १७. दीघं।

१६, १८. पुब्बो च।

१७, १९. यमेदन्तस्सादेसो।

१८, २०. वमोदुदन्तानं।

१९. २२. सब्बो चं ति।

२०, २७. दो धस्स च।

२१, २२. इवण्णो यं नवा।

२२, २८. एवादिस्स रि पुब्बो च रस्सो।

इति सन्धिकप्पे दुतियो कण्डो।

२३, ३६. सरा पकति ब्यञ्‍जने।

२४, ३५. सरे क्‍वचि।

२५, ३७. दीघं।

२६, ३८. रस्सं।

२७, ३९. लोपञ्‍च तत्राकारो।

२८, ४०. पर द्वेभावो ठाने।

२९, ४२. वग्गे घोसाघोसानं ततियपठमा।

इति सन्धिकप्पे ततियो कण्डो।

३०, ५८. अं ब्यञ्‍जने निग्गहितं।

३१. ४९. वग्गन्तं वा वग्गे।

३२, ५०. एहे ञं।

३३. ५१. स ये च।

३४, ५२. मदा सरे।

३५, ३४. य व म द न त र ला चागमा।

३६, ४७. क्‍वचि ओ ब्यञ्‍जने।

३७, ५७. निग्गहितञ्‍च।

३८, ५३. क्‍वचि लोपं।

३९, ५४. ब्यञ्‍जने च।

४०, ५५. परो वा सरो।

४१, ५६. ब्यञ्‍जनो च विसञ्‍ञोगो।

इति सन्धिकप्पे चतुत्थो कण्डो।

४२, ३२. गोसरे पुथस्सागमो क्‍वचि।

४३, ३३. पास्स चन्तो रस्सो।

४४, २४ अब्भो अभि।

४५, २५. अज्झो अधि।

४६, २६. ते न वा इवण्णे।

४७, २३. अतिस्स चन्तस्स।

४८, ४३. क्‍वचि पटि पतिस्स।

४९, ४४. पुथस्सु ब्यञ्‍जने।

५०, ४५. ओ अवस्स।

५१, ५९. अनुपदिट्ठानं वुत्तयोगतो।

इति सन्धिकप्पे पञ्‍चमो कण्डो।

सन्धिसुत्तं निट्ठितं।

२. नाम

५२, ६०. जिनवचनयुत्तं हि।

५३, ६१. लिङ्गञ्‍च निप्पज्‍जते।

५४, ६२. ततो च विभत्तियो।

५५, ६३. सि यो अं यो ना हि स नं स्मा हि सनं स्मिं सु।

५६, ६४. तदनुपरोधेन।

५७, ७१. आलपने सि गसञ्‍ञो।

५८, २९. इवण्णुवण्णा झला।

५९, १८२. ते इत्थिध्या पो।

६०, १७७. आ घो।

६१, ८६. सागमो से।

६२, २०६. संसास्वेकवचनेसु च।

६३, २१७. एतिमासमि ।

६४, २१६. तस्सा वा।

६५, २१५. ततो सस्स स्साय।

६६, २०५. घो रस्सं।

६७, २२९. नो च द्वादितो नंम्हि।

६८, १८४. अमा पतो स्मिंस्मानं वा।

६९, १८६. आदितो ओ च।

७०, ३०. झलानमियुवा सरे वा।

७१, ४८९. यवकारा च।

७२, १८५. पसञ्‍ञस्स च।

७३, १७४. गाव से।

७४, १६९. योसु च।

७५, १७०. अवंम्हि च।

७६, १७१. आवस्सु वा।

७७, १७५, ततो नमं पतिम्हालुत्ते च समासे।

७८, ३१. ओ सरे च।

७९, ४६. तब्बिपरीतूपपदे ब्यञ्‍जने च।

८०, १७३. गोण नंम्हि वा।

८१, १७२. सुहिनासु च।

८२, १४९. अंमो निग्गहितं झलपेहि।

८३, ६७. सरलोपो मादेसपच्‍चयादिम्हि सरलोपे तु पकति।

८४, १४४. अघो रस्समेकवचनयोस्वपि च।

८५, १५०. न सिस्मिमनपुंसकानि।

८६, २२७. उभादितो नमिन्‍नं।

८७, २३१. इण्णमिण्णन्‍नं तीहि सङ्ख्याहि।

८८, १४७. यासु कतनिकारलोपेसु दीघं।

८९, ८७. सुनंहिसु च।

९०, २५२. पञ्‍चादीनमत्तं।

९१, १९४. पतिस्सिनीम्हि।

९२, १००. न्तुस्सन्तो योसु च।

९३, १०६. सब्बस्स वा अंसेसु।

९४, १०५. सिम्हि वा।

९५, १४५. अग्गिस्सिनि।

९६, १४८. योस्वकतरस्सो झो।

९७, १५६. वेवोसु लो च।

९८, १८९. मातुलादीनमानत्तमीकारे।

९९, ८१. स्माहिस्मिंनं म्हाभिम्हि वा।

१००, २१४. न तिमेहि कताकारेहि।

१०१, ८०. सुहिस्वकारो ए।

१०२, २०२. सब्बनामानं नंम्हि च।

१०३, ७९. अतो नेन।

१०४, ६६. सो।

१०५, ०. सो वा।

१०६, ३०२. दीघोरेहि।

१०७, ६९. सब्बयोनीनमाए।

१०८, ९०. स्मास्मिंनं वा।

१०९, २९५. आय चतुत्थेकवचनस्स तु।

११०, २०१. तयो नेव च सब्बनामेहि।

१११, १७९. घतो नादीनं।

११२, १७३. पतो या।

११३, १३२. सखतो गस्से वा।

११४, १७८. घते च।

११५, १८१. न अम्मादितो।

११६, १५७. अकतरस्सा लतो य्वालपनस्सवेवो।

११७, १२४. झलतो सस्स नो वा।

११८, १४६. घपतो च योनं लोपो।

११९, ११५. लतो वोकारो च।

इति नामकप्पे पठमो कण्डो।

१२०, २४३. अम्हस्स ममं सविभत्तिस्स से।

१२१, २३३. मयं योम्हि पठमे।

१२२, ९९. न्तुस्स न्तो।

१२३, १०३. न्तस्स से वा।

१२४, ९८. आ सिम्हि।

१२५, १९८. अं नपुंसके।

१२६, १०१. अवण्णा च गे।

१२७, १०२. तो तिता सस्मिंनासु।

१२८, १०४. नंम्हि तं वा।

१२९, २२२. इमस्सिदमंसिसु नपुंसके।

१३०, २२५. अमुस्सादुं।

१३१, ०. इत्थिपुमनपुंसकसङ्ख्यं।

१३२, २२८. योसु द्विन्‍नं द्वे च।

१३३, २३०. तिचतुन्‍नं तिस्सो चतस्सो तयोचत्तारो तीणि चत्तारि।

१३४, २५१. पञ्‍चादीनमकारो।

१३५, ११८. राजस्सा रञ्‍ञो राजिनो से।

१३६, ११९. रञ्‍ञं नंम्हि वा।

१३७, ११६. नाम्हि रञ्‍ञा वा।

१३८, १२१. स्मिंम्हि रञ्‍ञे राजिनि।

१३९, २४५. तुम्हम्हाकं तयि मयि।

१४०, २३२. त्वमहं सिम्हि च।

१४१, २४१. तव मम से।

१४२, २४२. तुय्हं मय्हञ्‍च।

१४३, २३५. तंममंम्हि।

१४४, २३४. तवंममञ्‍च न वा।

१४५, २३८. नाम्हि तया मया।

१४६, २३६. तुम्हस्स तुवंत्वमम्हि।

१४७, २४६. पदतो दुतियाचतुत्थीछट्ठीसु वो नो।

१४८, २४७. हेमेकवचनेसु च।

१४९, २४८. न अंम्हि।

१५०, २४९. वा ततिये च।

१५१, २५०. बहुवचनेसु वो नो।

१५२, १३६. पुमन्तस्सा सिम्हि।

१५३, १३८. अमालपनेकवचने।

१५४, ०. समासे च विभासा।

१५५, १३७. योस्वानो।

१५६, १४२. आने स्मिंम्हि वा।

१५७, १४०. हिविभत्थिम्हि च।

१५१, १४३. सुस्मिमा वा।

१५९, १३९. उ नाम्हि च।

१६०, १९७. अकम्मन्तस्स च।

इति नामकप्पे दुतियो कण्डो।

१६१, २४४. तुम्हम्हेहि नमाकं।

१६२, २३७. वा य्वप्पठमो।

१६३, २४०. सस्सं।

१६४, २००. सब्बनामकारते पठमो।

१६५, २०८. द्वन्दट्ठा वा।

१६६, २०९. नाञ्‍ञं सब्बनामिकं।

१६७, २१०. बहुब्बीहिम्हि च।

१६८, २०३. सब्बतो नं संसानं।

१६९, ११७. राजस्स राजु सुनं हिसु च।

१७०, २२०. सब्बस्सिमस्से वा।

१७१, २१९. अनिमि नाम्हि च।

१७२, २१८. अनपुंसकस्सा यं स्मिम्हि।

१७३, २२३. अमुस्स मो सं।

१७४, २११. एततेसं तो।

१७५, २१२. तस्स वा नत्तं सब्बत्थ।

१७६, २१३. सस्मास्मिंसंसास्वत्तं ०.००११।

१७७, २२१. इमसद्दस्स च।

१७८, २२४. सब्बतो को।

१७९, २०४. घपतो स्मिं सानं संसा।

१८०, २०७. नेताहि स्मिमायया।

१८१, ९५. मनोगणादितो स्मिंनानमिआ।

१८२, ९७. सस्स चो।

१८३, ४८. एतेसमो लोपे।

१८४, ९६. स सरे वागमो।

१८५, ११२. सन्तसद्दस्सा सो भे बो चन्ते।

१८६, १०७. सिम्हि गच्छन्तादीनं न्तसद्दो अं।

१८७, १०८. सेसेसु न्तुव।

१८८, १५५. ब्रह्मत्त सख राजादितो अमानं।

१८९, ११३. स्या च।

१९०, ११४. योनमानो।

१९१, १३०. सखतो चायो नो।

१९२, १३५. स्मिमे।

१९३, १२२. ब्रह्मतो वस्स च।

१९४, १३१. सखन्तस्सि नोनानंसेसु।

१९५, १३४. आरो हिम्हि वा।

१९६, १३३. सुनमंसु वा।

१९७, १२५. ब्रह्मतो तु स्मिंनि।

१९८, १२३. उत्तं सनासु।

१९९, १५८. सत्थुपितादीनमा सिस्मिं सिलोपो च।

२००, १९६. अञ्‍ञेस्वारत्तं।

२०१, १६३. वा नंम्हि।

२०२. १६४. सत्थुनत्तञ्‍च।

२०३, १६२. उ सस्मिं सलोपो च।

२०४, १६७. सक्‍कमन्धातादीनञ्‍च।

२०५, १६०. ततो योनमो तु।

२०६, १६५. ततो स्मिमि।

२०७, १६१. ना आ।

२०७, १६१. आरो रस्समिकारे।

२०९, १६८. पितादीनमसिम्हि।

२१०, २३९. तयातयिनं तकारो त्वत्तं वा।

इति नामकप्पे ततियो कण्डो।

२११, १२६. अत्तन्तो हिस्मिमनत्तं।

२१२, १२९. ततो स्मिं नि।

२१३, १२७. सस्सनो।

२१४, १२८. स्मा ०.००१३ ना।

२१५, १४१. झलतो च।

२१६, १८०. घपतो स्मिंयं वा।

२१७, १९९. योनं नि नपुंसकेहि।

२१८, १९६. अतो निच्‍चं।

२१९, १९५. सिं।

२२०, ७४. सेसतो लोपं गसिपि।

२२१, २८२. सब्बासमावुसोपसग्गनिपातादीहि च।

२२२, ३२७. पुमस्स लिङ्गादीसु समासेसु।

२२३, १८८. अं यमीतो पसञ्‍ञतो।

२२४, १५३. नं झतो कतरस्सा।

२२५, १५१. योनं नो।

२२६, १५४. स्मिंनि।

२२७, २७०. किस्स क वे च।

२२८, २७२. कु हिं हंसु च।

२२९, २२६. सेसेसु च।

२३०, २६२. त्र तो थेसु च।

२३१, २६३. सब्बस्सेतस्साकारो वा।

२३२, २६७. त्रे निच्‍चं।

२३३, २६४. ए तोथेसु च।

२३४, २६५. इमस्सि थं दानि ह तो धेसु च।

२३५, २८१. अ धुनाम्हि च।

२३६, २८०. एत रहिम्हि।

२३७, १७६. इत्थियमतो आपच्‍चयो।

२३८, १८७. नदादितो वा ई।

२३९, १९०. णव णिक णेय्य णन्तुहि।

२४०, १९३. पतिभिक्खुराजीकारन्तेहि इनी।

२४१, १९१. न्तुस्स तधीकारे।

२४२, १९२. भवतो भोतो।

२४३, ११०. भो गे तु।

२४४, ७२. अकारपिताद्यन्तानमा।

२४५, १५२. झलपा रस्सं।

२४६, ७३. आकारो वा।

इति नामकप्पे चतुत्थो कण्डो।

२४७, २६१. त्वादयो विभत्तिसञ्‍ञायो।

२४८, २६०. क्‍वचि तो पञ्‍चम्यत्थे।

२४९, २६६. त्रथ सत्तमिया सब्बनामेहि।

२५०, २६८. सब्बतो धि।

२५१, २६९. किंस्मा वो।

२५२, २७१. हिंहंहिञ्‍चनं

२५३, २७३. तम्हा च।

२५४, २७४. इमस्मा हधा च।

२५५, २७५. यतो हिं।

२५६, ०. काले।

२५७, २७६. किंसब्बञ्‍ञेकयकुहि दादाचनं।

२५८, २७८. तम्हा दानि च।

२५९, २७९. इमस्मा रहिधुनादानि च।

२६०, २७७. सब्बस्स सो दाम्हि वा।

२६१, ३६९. अवण्णो ये लोपञ्‍च।

२६२, ३९१. वुड्ढस्स जो इयिट्ठेसु।

२६३, ३९२. पसत्थस्स सो च।

२६४, ३९३. अन्तिकस्स नेदो।

२६५, ३९४. बाळ्हस्स साधो।

२६६, ३९५. अप्पस्स कण।

२६७, ३९६. युवानञ्‍च।

२६८, ३९७. वन्तुमन्तुवीनञ्‍च लोपो।

२६९, ४१. यवतं तलणदकारानं ब्यञ्‍जनानि चलञजकारत्तं।

२७०, १२०. अम्ह तुम्ह न्तु राज ब्रह्मत्त सख सत्थु– पितादीहि स्मा नाव।

इति नामकप्पे पञ्‍चमो कण्डो।

नामसुत्तं निट्ठितं।

३. कारक

२७१, ८८. यस्मा दपेतिं भयमादत्ते वा तदपादानं। (३०८)

२७२, ३०९. धातुनामानमुपसग्गयोगादीस्वपि च।

२७३, ३१०. रक्खणत्थानमिच्छितं।

२७४, ३११. येन वा दस्सनं

२७५, ३१२. दूरन्तिकद्धकाल निम्मान त्वालोप दिसा योग विभत्तारप्पयोग सुद्धप्पमोचनहेतु विवित्तप्पमाणपुब्बयोग बन्धनगुणवचन पञ्हकथन थोकातत्तूसु च।

२७६, ३०२. यस्स दातुकामो रोचते धारयते पा तं सम्पदानं।

२७७, ३०३. सिलाघ हनु ठा सप धार पिह कुध दुहिस्सो स्सूय राधिक्ख पच्‍चासुण अनुपतिगिण पुब्बकत्तारोचनत्थ तदत्थ तुमत्थालमत्थ मञ्‍ञानादरप्पाणिनि गत्यत्थकम्मनिआसिसत्थसम्मुतिभिय्यसत्तम्यत्थेसु च।

२७८, ३२०. योधारो तमोकासं।

२७९, २९२. येन वा कयिरते तं करणं।

२८०, २८५, यं करोति तं कम्मं।

२८१, २९४. यो करोति स कत्ता।

२८२, २९५. यो कारेहि स हेतु।

२८३, ३१६. यस्स वा परिग्गहो तं सामी।

२८४, २८३. लिङ्गत्थे पठमा।

२८५, ७०. आलपने च।

२८६, २९१. करणे ततिया।

२८७, २९६, सहादियोगे च।

२८८, २९३. कत्तरि च।

२८९, २९७. हेत्वत्थे च।

२९०, २९८. सत्तम्यत्थे च।

२९१, २९९. येनङ्गविकारो।

२९२, ३००. विसेसने च।

२९३, ३०१. सम्पदाने चतुत्थी।

२९४, ३०५. नमोयोगादीस्वपि च।

२९५, ३०७. अपादाने पञ्‍चमी।

२९६, ३१४. कारणत्थे च।

२९७, २८४. कम्मत्थे दुतिया।

२९८. २८७. कालद्धानमच्‍चन्तसंयोगे।

२९९, २८८. कम्मप्पवचनीययुत्ते।

३००, २८६. गति बुद्धि भुज पठ हर कर सयादीनंका रिते वा।

३०१, ३१५. सामिस्मिं छट्ठी

३०२, ३१९. ओकासे सत्तमी।

३०३, ३२१. सामिस्सराधिपति दायाद सक्खी पथिभू पसुत कुसलेहि च।

३०४, ३२२. निद्धारणे च।

३०५, ३२३. अनादरे च।

३०६, २८९. क्‍वचि दुतिया छट्ठीनमत्थे।

३०७, २९०. ततियासत्तमीनञ्‍च।

३०८, ३१७. छट्ठी च।

३०९, ३१८. दुतियापञ्‍चमीनञ्‍च।

३१०, ३२४. कम्मकरणनिमित्तत्थेसु सत्तमी।

३११, ३२५. सम्पदाने च।

३१२, ३२६. पञ्‍चम्यत्थे च।

३१३, ३२७. कालभावेसु च।

३१४, ३२८. उप’ध्याधिकिस्सरवचने।

३१५, ३२९. मण्डितुस्सुक्‍केसु ततिया च।

इति नामकप्पे कारककप्पो छट्ठो कण्डो।

कारकसुत्तं निट्ठितं।

४. समास

३१६, ३३१. नामान समासो युत्तत्थो।

३१७, ३३२. तेसं विभत्तियो लोपा च।

३१८, ३३३. पकति चस्स सरन्तस्स।

३१९, ३३०. उपसग्गनिपातपुब्बको अब्ययीभावो।

३२०, ३३५. सो नपुंसकलिङ्गो।

३२१. ३४९. दिगुस्सेकत्तं।

३२२, ३५९. तथा द्वन्दे पाणि तूरिये योग्ग सेनङ्ग खुद्दजन्तुक विविध विरुद्ध विसभागत्थादीनञ्‍च।

३२३, ३६०. विभासा रुक्ख तिण पसु धन धञ्‍ञ जनपदा दीनञ्‍च।

३२४, ३३९. द्विपदे तुल्याधिकरणे कम्मधारयो।

३२५, ३४८. सङ्ख्यापुब्बो दिगु।

३२६, ३४१. उभे तप्पुरिसा।

३२७, ३५१. अमादयो परपदेभि।

३२८, ३५२. अञ्‍ञपदत्थेसु बहुब्बीहि।

३२९, ३५७. नामानं समुच्‍चयो द्वन्दो।

३३०, ३४०. महतं महा तुल्याधिकरणे पदे।

३३१, ३५३. इत्थियं भासितपुमित्थी पुमाव चे।

३३२, ३४३. कम्मधारयसञ्‍ञे च।

३३३, ३४४. अत्तं नस्स तप्पुरिसे।

३३४, ३४५. सरे अन।

३३५, ३४६. कदि कुस्स।

३३६, ३४७. का’प्पत्थेसु च।

३३७, ३५०. क्‍वचि समासन्त गतानमकारन्तो।

३३८, ३५६. नदिम्हा च।

३३९, ३५८. जायाय तुदं जानि पतिम्हि।

३४०, ३५५. धनुम्हा च।

३४१, ३३६. अंविभत्तीनमकारन्ता अब्यायितावा।

३४२, ३३७. सरो रस्सो नपुंसके।

३४३, ३३८. अञ्‍ञस्मा लोपो च।

इति नामकप्पे समासकप्पो सत्तमो कण्डो।

समाससुत्थं निट्ठितं।

५. तद्धित

२४४, ३६१. वा णा’पच्‍चे।

३४५, ३६६. णायन णान वच्छादितो।

३४६, ३६७. णेय्यो कत्तियादीहि।

३४७, ३६८. अतो णि वा।

३४८, ३७१. णवोपक्‍वादीहि।

३४९, ३७२. णेर विधवादितो।

३५०, ३७३. येन वा संसट्ठं तरति चरति वहति णिको।

३५१, ३७४. तमधीते तेनकताधि सन्‍निधाननियोग सिप्प भण्ड जीविकत्थेसु च।

३५२, ३७६. ण रागा तस्सेदमञ्‍ञत्थेसु च।

३५३, ३७८. जातादीनमिमिया च।

३५४, ३७९. समूहत्थे कण णा।

३५५, ३८०. गाम जन बन्धु सहायादीहि ता।

३५६, ३८१. तदस्स ठानमियो च।

३५७, ३८२. उपमत्थायितत्तं।

३५८, ३८३. तन्‍निस्सितत्थे लो।

३५९, ३८४. आलु तब्बहुले।

३६०, ३८७. णुत्तता भावे तु।

३६१, ३८८. ण विसमादीहि।

३६२, ३८९. रमणीयादितो कण

३६३, ३९०. विसेसे तरतमिसिकियिट्ठा।

३६४, ३९८. तदस्सत्थीति वी च।

३६५, ३९९. तपादितो सी।

३६६, ४००. दण्डादितो इक ई।

३६७, ४०१. मध्वादितो रो।

३६८, ४०२. गुणादितो वन्तु।

३६९, ४०३. सत्यादीहि मन्तु।

३७०, ४०५. सद्धादितो ण।

३७१, ४०४. आयुस्सुकारास मन्तुम्हि।

३७२, ३८५. तप्पकतिवचने मयो।

३७३, ४०६. सङ्ख्यापूरणे मो।

३७४, ४०८. स छस्स वा।

३७५, ४१२. एकादितो दसस्सी।

३७६, २५७. दसे सो निच्‍चञ्‍च।

३७७, ०. अन्ते निग्गहितञ्‍च।

३७८, ४१४. ति च।

३७९, २५८. ल द रानं।

३८०, २५५. वीसति दसेसु बा द्विस्स तु।

३८१, २५४. एकादितो दस्स र सङ्ख्याने।

३८२, २५९. अट्ठादितो च।

३८३, ३५३. द्वेकट्ठानमाकारो वा।

३८४, ४०७. चतुच्छे हि थ ठा।

३८५, ४०९. द्वितीहि तियो।

३८६, ४१०. तिये दुतापि च।

३८७, ४११. तेसमड्ढूपपदेन अड्ढुड्ढदिवड्ढ दियड्ढ’ ड्ढतिया।

३८८, ६८. सरूपान मेकसेस्वसकिं।

३८९, ४१३. गणनेदसस्स द्वि ति चतु पञ्‍च छ सत्त अट्ठनवकानं वी ति चत्तार पञ्‍ञा छ सत्तासनवा योसु योनञ्‍चीसमासंठिरितीतुति।

३९०, २५६. चतूपपदस्स लोपो तु’त्तरपदादिचस्स चु चोपि नवा।

३९१, ४२३. यदनुपपन्‍ना निपातना सिज्झन्ति।

३९२, ४१८. द्वादितो को’नेकत्थे च।

३९३, ४१५. दसदसकं सतं दसकानं सतं सहस्सञ्‍च योम्हि।

३९४, ४१६. याव तदुत्तरि दसगुणितञ्‍च।

३९५, ४१७. सकनामेहि।

३९६, ३६३. तेसं णो लोपं।

३९७, ४२०. विभागे धा च।

३९८, ४२१. सब्बनामेहि पकारवचने तु था।

३९९, ४२२. किमिमेहि थं।

४००, ३६४. वुद्धादिसरस्स वा’संयोगन्तस्स सणे च।

४०१, ३७५. मायूनमागमो ठाने।

४०२. ३७७. आत्तञ्‍च।

४०३, ३५४. क्‍वचादिमज्झुत्तरानं दीघरस्स पच्‍चयेसु च।

४०४, ३७०. तेसु वुद्धि लोपागम विकार विपरितादेसा च।

४०५, ३६५. अयुवण्णानञ्‍चायो वुद्धि।

इति नामकप्पे तद्धितकप्पो अट्ठमो कण्डो।

तद्धितसुत्तं निट्ठितं।

६. आख्याति

४०६, ४२९. अथ पुब्बानि-विभत्तीनं छ परस्सपदानि।

४०७, ४३९. पराणुत्तनोपदानि।

४०८, ४३०. द्वे द्वे पठममज्झिमुत्तमपुरिसा।

४०९, ४४१. सब्बेसमेकाभिधाने परो पुरिसो।

४१०, ४३२. नामम्हि पयुज्‍जमानेपि तुल्याधिकरणे पठमो।

४११, ४३६. तुम्हे मज्झिमो।

४१२, ४३७. अम्हे उत्तमो।

४१३, ४२६. काले।

४१४, ४२८. वत्तमाना पच्‍चुप्पन्‍ने।

४१५, ४५१. आणात्यासिट्ठे’नुत्तकाले पञ्‍चमी।

४१६, ४५४. अनुमतिपरिकप्पेत्थेसु सत्तमी।

४१७, ४६०. अपच्‍चक्खे परोक्खा’तीते।

४१८, ४५६. हिय्योपभुति पच्‍चक्खे हिय्यत्तनी।

४१९, ४६९. समीपे’ज्‍जतनी।

४२०, ४७१. मायोगे सब्बकाले च।

४२१, ४७३. अनागते भविस्सन्ती।

४२२, ४७५. क्रियातिपन्‍ने’तीते कालातिपत्ति।

४२३, ४२६. वत्तमाना ती अन्ति, सि थ, मि म ते अन्ते, सेव्हे, ए म्हे।

४२४, ४५०. पञ्‍चमी तु अन्तु, हि थ, मि म, तं अन्तं, स्सु व्हो, ए आमसे।

४२५, ४५३. सत्तमी एय्य एय्युं, एय्यासि एय्याथ, एय्यामि एय्याम, एथ एरं, एथो एय्याव्हो, एय्यं एय्याम्हे।

४२६, ४५९. परोक्खा अ उ, ए त्थ, अं म्ह, त्थ रे, त्थो व्हो, इं म्हे।

४२७, ४५५. हिय्यत्तनी आ ऊ, ओ त्थ, अं म्हा, त्थ त्थुं, सेव्हं, इं म्हसे।

४२७, ४६८. अज्‍जतनी ईञं ओत्थ, इं म्हा, आ ऊ, से व्हं, अं म्हे।

४२९, ४७२. स्सविस्सन्ती स्सति स्सन्ति, स्ससि स्सथ, स्सामि स्साम, स्सते स्सन्ते, स्ससे स्सव्हे, स्सं स्साम्हे।

४३०, ४७४. कालातिपत्ति स्सा स्संसु, स्से स्सथ, स्सं स्सामा, स्सथ स्सिसु, स्ससे स्सव्हे, स्सिं स्साम्हसे।

४३१, ४२८. हिय्यत्तनी सत्तमी पञ्‍चमी वत्तमाना सब्बधातुकं।

इति आख्यातकप्पे पठमो कण्डो।

४३२, ३६२. धातुलिङ्गेहि परा पच्‍चया।

४३३, ५२८. तिजगुपकितमानेहि खछसा वा।

४३४, ५३४. भुजघसहरसुपादीहितुमिच्छत्थेसु।

४३५, ५३६. आय नामतो कत्तूपमानादाचारे।

४३६, ५३७. ईयू’पमाना च।

४३७, ५३८. नामम्हा’त्तिच्छत्थे।

४३८, ५४०. धातूहि णे णय णापे णापया कारितानि हेत्वत्थे।

४३९, ५३९. धातुरूपे नामस्मा ण यो च।

४४०, ४४५. भावकम्मेसु यो।

४४१, ४४७. तस्स चवग्गयकारवकारत्तं सधात्वन्तस्स।

४४२, ४४८. इवण्णागमो वा।

४४३, ४४९. पुब्बरूपञ्‍च।

४४४, ५११. तथा कत्तरि च।

४४५, ४३३. भूवादितो अ।

४४६, ५०९. रुधादितो निग्गहितपुब्बञ्‍च।

४४७, ५१०. दिवादितो यो।

४४८, ५१२. स्वादितो णुणा उणा च।

४४९, ५१३. कियादितो ना।

४५०, ५१७. गहादितो प्पण्हा।

४५१, ५२०. तनादितो ओयिरा।

४५२, ५२५. चुरादितो णे णया।

४५३, ४४४. अत्तनोपदानि भावे च कम्मनि।

४५४, ४४०. कत्तरि च।

४५५, ५३०. धातुप्पच्‍चयेहि विभत्तियो।

४५६, ४२०. कत्तरि परस्सपदं।

४५७, ४२४. भूवादयो धातवो।

इति आख्यातकप्पे दुतियो कण्डो।

४५८, ४६१. क्‍वचादिवण्णानमेकस्सरानं द्वेभावो।

४५९, ४६२. पुब्बो’ ब्भासो।

४६०, ५०६. रस्सो।

४६१, ४६४. दुतियचतुत्थानं पठमततिया।

४६२, ४६७. कवग्गस्स चवग्गो।

४६३, ५३२. मानकितानं व तत्तं वा।

४६४, ५०४. हस्स जो।

४६५, ४६३. अन्तस्सिवण्णाकारो वा।

४६६, ४८९. निग्गहितञ्‍च।

४६७, ५३३. ततो पामानानं वामं सेसु।

४६८, ४९२. ठा तिट्ठो।

४६९, ४९४. पा पिवो।

४७०, ५१४. ञास्स जाजंना।

४७१, ४८३. दिसस्स पस्स दिस्स दक्खा वा।

४७२, ५३१. ब्यञ्‍जनन्तस्स चो छप्पच्‍चयेसु च।

४७३, ५२९. को खे च।

४७४, ५३५. हरस्स गी से।

४७५, ४६५. ब्रूभूनमाहभूवा परोक्खायं।

४७६, ४४२. गमिस्सन्तो च्छो वा सब्बासु।

४७७, ४७९. वचस्स’ज्‍जतनिम्हि मकारा ओ।

४७८, ४३८. अकारो दीघं हिमिमेसु।

४७९, ४५२. हि लोपं वा।

४८०, ४९०. होतिस्सरे’ हो’हे भविस्सन्तिम्हि सस्स च।

४८१, ५२४. करस्स सप्पच्‍चयस्स काहो।

इति आख्यातकप्पे ततियो कण्डो।

४८२, ५०८. दादन्तस्सं मिमेसु।

४८३, ५२७. असंयोगन्तस्स वुद्धि कारिते।

४८४, ५४२. घटादीनं वा।

४८५, ४३४. अञ्‍ञेसु च।

४८६, ५४३. गुहदुसानं दीघं।

४८७, ४७८. वच वस वहादीनमुकारो वस्सये।

४८८, ४८१. ह विपरिययो लो वा।

४८९, ५१९. गहस्स घे प्पे।

४९०, ५१८. हलोपो ण्हाम्हि।

४९१, ५२३. करस्स कासत्तमज्‍जतनिम्हि।

४९२, ४९९. असस्मा मिमानं मिम्हा’न्तलोपो च।

४९३, ४९८. थस्स त्थत्थं।

४९४, ४९५. तिस्स तिस्स त्थित्थं।

४९५, ५००. तुस्स त्थुत्तं।

४९६, ४९७. सिम्हि च।

४९७, ४७७. लभस्मा ईअंनं त्थत्तं।

४९८, ४८०. कुसस्मा दी च्छि।

४९९, ४८०. दा धातुस्स दज्‍जं।

५००, ४८६. वदस्स वज्‍जं।

५०१, ४४३. गमिस्स घम्मं।

५०२, ४९३. यम्हि दा धा मा ठा हा पा मह मथादीनमी।

५०३, ४८५. यजस्सादिस्सि।

५०४, ४७०. सब्बतो उं इंसु।

५०५, ४८२. जरमरानं जीर जीय्य मीय्या वा।

५०६, ४९६. सब्बत्था’सस्सादिलोपो च।

५०७, ५०१. असब्बधातुके ञा।

५०८, ५१५. य्येस्स ञातो इया ञा।

५०९, ५१६. नास्स लोपो यकारत्तं।

५१०, ४८७. लोपञ्‍चेत्तमकारो।

५११, ५२१. उत्तमोकारो।

५१२, ५२२. करस्साकारो च।

५१३, ४३५. ओ अव सरे।

५१४, ४९१. ए अय।

५१५, ५४१. ते आवाया कारिते।

५१६, ४६६. इकारागमो असब्बधातुकम्हि।

५१७, ४८८. क्‍वचि धातुविभत्तिप्पच्‍चयानं दीघविपरीतादेस लोपागमा च।

५१८, ४४६. अत्तनोपदानि परस्सपदत्तं।

५१९, ४५७. अकारागमो हिय्यत्थनीअज्‍जतनीकालातिपत्तीसु।

५२०, ५०२. ब्रूतो ई तिम्हि।

५२१, ४२५. धातुस्सन्तो लोपो’ नेकसरस्स।

५२२, ४७६. इसुयमूनमन्तो च्छो वा।

५२३, ५२६. कारितानं णो लोपं।

इति आख्यातकप्पे चतुत्थो कण्डो।

आख्यातसुत्तं निट्ठितं।

७. किब्बिधान

५२४, ५६१. धातुया कम्मादिम्हि णो।

५२५, ५६५. सञ्‍ञायम नु।

५२६, ५६७. पुरे ददा च इं।

५२७, ५६८. सब्बतो ण्वुत्वा’वी वा।

५२८, ५७७. विस रुज पदादितो ण।

५२९, ५८०. भावे च।

५३०, ५८४. क्‍वि च।

५३१, ५८९. धरादीहि रम्मो।

५३२, ५९०. तस्सीलादीसु णी त्वा वी च।

५३३, ५९१. सद्द कुध चल मण्डत्थ रुचादीहि यु।

५३४, ५९२. पारादिगमिम्हा रू।

५३५, ५९३. भिक्खादितो च।

५३६, ५९४. हनत्यादीनं णुको।

५३७, ५६६. नु निग्गहितं पदन्ते।

५३८, ५९५. संहना’ञ्‍ञाय वा रो घो।

५३९, ५५८. रम्हि रन्तो रादिनो।

५४०, ५४५. भावकम्मेसु तब्बा’नीया।

५४१, ५५२. ण्यो च।

५४२, ५५७. करम्हा रिच्‍च।

५४३, ५५५. भूतो’ब्ब।

५४४, ५५६. वद मद गमु युज गरहाकारादीहि ज्‍ज म्मग्गय्हेय्यावारो वा।

५४५, ५४८. ते किच्‍चा।

५४६, ५६२. अञ्‍ञे कित्त।

५४७, ५९६. नन्दादीहि यु।

५४८, ५९७. कत्तुकरणपदेसेसु च।

५४९, ५५०. रहादितो ण।

इति किब्बिधानकप्पे पठमो कण्डो।

५५०, ५४९. णादयो तेकालिका।

५५१, ५९८. सञ्‍ञायं दाधातो इ।

५५२, ६०९. ति किच्‍चा’सिट्ठे।

५५३, ५९९. इत्थियमतियवो वा।

५५४, ६०१. करतो रिरिय।

५५५, ६१२. अतीते त तवन्तु तावी।

५५६, ६२२. भावकम्मेसु त।

५५७, ६०६. बुधगमादित्थे कत्तरि।

५५८, ६०२. जितो इन सब्बत्थ।

५५९, ६०३. सुपतो च।

५६०, ६०४. ईसंदुसूहि ख।

५६१, ६३६. इच्छत्थेसु समानकत्तुकेसु तवे तुं वा।

५६२, ६३८. अरहसक्‍कादीसु च।

५६३, ६३९. पत्तवचने अलमत्थेसु च।

५६४, ६४०. पुब्बकाले’ककत्तुकानं तुन त्वान त्वा वा।

५६५, ६४६. वत्तमाने मान’न्ता।

५६६, ५७४. सासादीहि रत्थु।

५६७, ५७५. पातितो रितु।

५६८, ५७६. मानादीहि रातु।

५६९, ६१०. आगमा तुको।

५७०, ६११. भब्बे इक।

इति किब्बिधानकप्पे दुतियो कण्डो।

५७१, ६२४. पच्‍चयादनिट्ठा निपातना सिज्झन्ति।

५७२, ६२५. सासदिसतो तस्स रिट्ठो च।

५७३, ६२६. सादिसन्त पुच्छ भन्ज हन्तादीहि ट्ठो।

५७४, ६१३. वसतो उत्थ।

५७५, ६१४. वस वावु।

५७६, ६०७. ध ढ भ हे हि धड्ढा च।

५७७, ६२८. भन्जतो ग्गो च।

५७८, ५६०. भुजादीनमन्तो नो द्वि च।

५७९, ६२९. वच वा वु।

५८०, ६३०. गुपादीनञ्‍च।

५८१, ६१६. तरादीहि इण्णो।

५८२, ६३१. भिदादितो इन्‍न अन्‍न ईणा वा।

५८३, ६१७. सुस पच सकतो क्ख क्‍का च।

५८४, ६१८. पक्‍कमादीहि न्तो च।

५८५, ६१९. जनादीन मा तिम्हि च।

५८६, ६००. गम खन हन रमादीनमन्तो।

५८७, ६३२. रकारो च।

५८८, ठापानमिई च।

५८९, ६२१. हन्तेहि हो हस्स ळो वा अदहनहानं।

इति किब्बिधानकप्पे ततियो कण्डो।

५९०, ५७९. णम्हि रन्जस्स जो भावकरणेसु।

५९१, ५४४. हनस्स घातो।

५९२, ५०३. वधो वा सब्बत्थ।

५९३, ५६४. आकारन्तानमायो।

५९४, ५८२. पुरसमुपपरीहि करोतिस्स ख खरा वा तप्पच्‍चयेसु च।

५९५, ६३७. तवेतुनादीसु का।

५९६, ५५१. गमखनहनादीनं तुंतब्बादीसु न।

५९७, ६४१. सब्बेहि तुनादीनं यो।

५९८, ६४३. चनन्तेहि रच्‍चं।

५९९, ६४४. दिसा स्वानस्वन्तलोपो च।

६००, ६४५. महदभेहि म्म य्ह ज्‍ज ब्भ द्धा च।

६०१, ३३४. तद्धितसमासकितका नामं वा’तवेतुनादीसु च।

६०२, ६. दुम्हि गरु।

६०३, ७. दीघो च।

६०४, ६८४. अक्खरेहि कार।

६०५, ५४७. यथागममिकारो।

६०६, ६४२. दधन्ततो यो क्‍वचि।

इति किब्बिधानकप्पे चतुत्थो कण्डो।

६०७, ५७८. निग्गहित संयोगादि नो।

६०८, ६२३. सब्बत्थ गे ही।

६०९, ४८४. सदस्स सीदत्थं।

६१०, ६२७. यजस्स सरस्सि ट्ठे।

६११, ६०८. हचतुत्थानमन्तानं दो धे।

६१२, ६१५. ढो ढकारे।

६१३, ५८३. गहस्स घर णे वा।

६१४, ५८१. दहस्स दो ळं।

६१५, ५८६. धात्वन्तस्स लोपो क्‍विम्हि।

६१६, ५८७. विदन्ते ऊ।

६१७, ६३३. न म क रानमन्तानं नियुत्ततम्हि।

६१८, ५७१. न क वत्थं च जा ण्वुम्हि।

६१९, ५७३. करस्स च तत्तं थुस्मिं।

६२०, ५४९. तुंतुनतब्बेसु वा।

६२१, ५५३. कारितं विय णानुबन्धो।

६२२, ५७०. अनका यु ण्वूनं।

६२३, ५५४. क गा च जानं।

इति किब्बिधानकप्पे पञ्‍चमो कण्डो।

किब्बिधानसुत्तं निट्ठितं।

८. उणादिकप्प

६२४, ५६३. कत्तरि कित्त।

६२५, ६०५. भावकम्मेसु किच्‍चत्तक्खत्था।

६२६, ६३४. कम्मनि दुतियाय त्तो।

६२७, ६५२. ख्यादीहि मन म च तो वा।

६२८, ६५३. समादीहि थमा।

६२९, ५६९. गहस्सु’पधस्से वा।

६३०, ६५४. मसुस्स सुस्स च्छरच्छेरा।

६३१, ६५५. आपुब्बचरस्स च।

६३२, ६५६. अल कल सलेहि ल या।

६३३, ६५७. याण लाणा।

६३४, ६५८. मथिस्स थस्स लो च।

६३५, ५५९. पेसातिसग्गपत्तकालेसु किच्‍चा।

६३६, ६५९. अवस्सकाधमिणेसु णी च।

६३७, ०. अरहसक्‍कादीहि तुं।

६३८, ६६८. वजादीहि पब्बज्‍जादयो निप्पज्‍जन्ते।

६३९, ५८५. क्‍विलोपो च।

६४०, ०. सचजानं क गा णानुबन्धे।

६४१, ५७२. नुदादीहि यु ण्वून मना न ना का न न का सकारितेहि च।

६४२, ५८८. इ य त म किं एसानमन्तस्सरो दीघं क्‍वचि दुसस्स गुणं दोरं स क्खी च।

६४३, ६३५. भ्यादीहि मति बुधि पूजादीहि च त्तो।

६४४, ६६१. वेपु सी दव वमु कु दा भूत्वादीहि थुत्तिम णिमा निब्बत्ते।

६४५, ६६२. अक्‍कोसे नम्हानि।

६४६, ४१९. एकादितो सकिस्स क्खत्तुं।

६४७, ६६३. सुनस्सुनस्सो ण वानुवानूननखुनाना।

६४८, ६६४. तरुणस्स सुसु च।

६४९, ६६५. युवस्सुवस्सुवुवाननूना।

६५०, ६५१. काले वत्तमानातीते ण्वादयो।

६५१, ६४७. भविस्सति गमादीहि णी घिण।

६५२, ६४८. क्रियायं ण्वु तवो।

६५३, ३०७. भाववाचिम्हि चतुत्थी।

६५४, ६४९. कम्मनि णो।

६५५, ६५०. सेसे स्सं न्तु मानाना।

६५६, ६६६. छदादीहि त त्रण।

६५७, ६६७. वदादीहि णित्तो गणे।

६५८, ६६८. मिदादीहि त्ति तियो।

६५९, ६६९. उसुरन्जदसानं दंसस्स दड्ढो ढठा च।

६६०, ६७०. सूवुसानमूवुसानमतो थो च।

६६१, ६७१. रन्जुदादीहि धदिद्दकिरा क्‍वचि जदलोपो च।

६६२, ६७२. पटितो हिस्स हेरण हीरण।

६६३, ६७३. कढादीहि को।

६६४, ६७४. खादामगमानं खन्धन्धगन्धा।

६६५, ६७५. पटादील्यलं।

६६६, ६७६. पुथस्स पुथु पथा मो वा।

६६७, ६७७. सस्वादीहि तु दवो।

६६८, ६७८. झादीहि ईवरो।

६६९, ६७९. मुनादीहि चि।

६७०, ६८०. विदादील्यूरो।

६७१, ६८१. हनादीहि नु णु तवो।

६७२, ६८२. कुटादीहि ठो।

६७३, ६८३. मनुपूरसुणादीहि उस्सनुसिसा।

इति किब्बिधानकप्पे उणादिकप्पो छट्ठो कण्डो। उणादिसुत्तं निट्ठितं।

महाकच्‍चायनसद्दापाठ


Kachchayana Vyakaranam-Sutra Prakaranam

कच्‍चायनब्याकरणं- Kachchayana Pali Vyakaranam- Sutra Prakaranam- Here Maha Kachchyana collected 683 Sutras of his Pali Vyakaran system


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Abolition of Slave Trade Act 1807: Facts, Enforcement, and Historical Context

British Slavery and the Church of England: History, Theology, and the Codrington Estates

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Biblical Basis for Slavery, english slave trade

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