India’s national speech is Hindi and it will be an international speech : Gandhi in Inter-Asian Relations Conference (02/04/1947)

Our national speech is Hindustani. I know that it will be a long time before it can be made into an international speech. For international commerce, undoubtedly, English occupies the first place. I used to hear that French was the language of diplomacy. I was told, when I was young, that if I wanted to go from one end of Europe to the other, I must try to pick up French.

Four High Courts use Hindi in proceedings-Law Minister Kiren Rijiju said in Rajya Sabha-07/04/2022

The use of Hindi in proceedings in the High Court of Rajasthan was authorized under Article 348(2) of the Constitution in 1950. After the Cabinet Committee’s decision dated 21.05.1965 as mentioned above, the use of Hindi was authorized in the High Courts of Uttar Pradesh (1969), Madhya Pradesh (1971) and Bihar (1972) in consultation with the Chief Justice of India.

CONSTITUTION OF THE REPUBLIC OF FIJI IN HINDI

This Constitution is the supreme law of the State-This Constitution shall be upheld and respected by all Fijians and the State,
including all persons holding public office, and the obligations imposed by this Constitution must be fulfilled.

Hindi as Official language in UNO

The United Nations (UN) has a specific procedure for a language to be recognized as an official language of UN. According to that procedure, getting Hindi accepted as an official language of the UN will involve adoption of a Resolution by the UN General Assembly with a minimum two-third majority, as the additional expenditure, according to UN rules have to be contributed by all member states.

अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा-राहुल संकृत्यायन

आधुनिक काल में घुमक्कड़ों के काम की बात कहने की आवश्यकता है, क्योंकि लोगों ने घुमक्कड़ों की कृतियों को चुरा के उन्हें गला फाड़-फाड़कर अपने नाम से प्रकाशित किया, जिससे दुनिया जानने लगी कि वस्तुत: तेली के कोल्हू के बैल ही दुनिया में सब कुछ करते हैं। आधुनिक विज्ञान में चार्ल्स डारविन का स्थान बहुत ऊँचा है। उसने प्राणियों की उत्पत्ति और मानव-वंश के विकास पर ही अद्वितीय खोज नहीं की, बल्कि कहना चाहिए कि सभी विज्ञानों को डारविन के प्रकाश में दिशा बदलनी पड़ी। लेकिन, क्या डारविन अपने महान आविष्कारों को कर सकता था, यदि उसने घुमक्कड़ी का व्रत न लिया होता?

हिन्दी भाषा की उत्पत्ति-महावीरप्रसाद द्विवेदी-1907

HINDI BHASHA KI UTPATTI-कुछ समय से विचारशील जनों के मन में यह बात आने लगी है कि देश में एक भाषा और एक लिपि होने की बड़ी ज़रूरत है, और हिन्दी भाषा और देवनागरी लिपि ही इस योग्य है। हमारे मुसल्मान भाई इसकी प्रतिकूलता करते हैं। वे विदेशी फ़ारसी लिपि और विदेशी भाषा के शब्दों से लबालब भरी हुई उर्दू, को ही इस योग्य बतलाते हैं। परन्तु वे हमसे प्रतिकूलता करते किस बात में नहीं? सामाजिक, धार्म्मिक, यहाँ तक कि राजनैतिक विषयों में भी उनका हिन्दुओं से ३६ का सम्बन्ध है। भाषा और लिपि के विषय में उनकी दलीलें ऐसी कुतर्कपूर्ण, ऐसी निर्बल, ऐसी सदोष और ऐसी हानिकारिणी हैं कि कोई भी न्यायनिष्ठ और स्वदेशप्रेमी मनुष्य उनसे सहमत नहीं हो सकता। बंगाली, गुजराती, महाराष्ट्र और मदरासी तक जिस देवनागरी लिपि और हिन्दी भाषा को देश-व्यापी होने योग्य समझते हैं वह अकेले मुट्ठी भर मुसल्मानों के कहने से अयोग्य नहीं हो सकती। आबादी के हिसाब से मुसल्मान इस देश में हैं ही कितने? फिर थोड़े होकर भी जब वे निर्जीव दलीलों से फ़ारसी लिपि और उर्दू भाषा की उत्तमता की घोषणा देंगे तब कौन उनकी बात सुनेगा? अतएव इस विषय में और कुछ कहने की ज़रूरत नहीं—पहले ही बहुत कहा जा चुका है। अनेक विद्वानों ने प्रबल प्रमाणों से हिन्दी भाषा और देवनागरी लिपि की योग्यता प्रमाणित कर दी है।

डीओसीए(DoCA )जल्द ही देश में सभी उत्पादों के मानकीकरण के लिए ‘एक राष्ट्र, एक मानक’ योजना की शुरुआत करेगा

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान ने आज ज्वैलर्स के लिए पंजीकरण और नवीकरण की ऑनलाइन प्रणाली और जांच-परख और हॉलमार्किंग केंद्रों की मान्यता और नवीकरण के लिए ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत की। इस ऑनलाइन प्रणाली तक भारतीय मानक ब्यूरो के वेब पोर्टल http://www.manakonline.in के माध्यम से पहुंच जा सकता है, ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत करते हुए श्री पासवान ने कहा कि पंजीकरण के लिए प्राप्त प्रस्तावों की बड़ी संख्या को मैन्युअल रूप से संभालना बहुत मुश्किल था, इसलिए ये ऑनलाइन माध्यम उन ज्वैलर्स और उद्यमियों दोनों के लिए कारोबार में सुविधा लेकर आएंगे जिन्होंने परख-जांच और हॉलमार्किंग केंद्र स्थापित किए हैं या ऐसा करना चाहते हैं।

विनिमय दर अधिसूचना संख्या 80/2020 – सीमा शुल्क-20/08/2020

EXCHANGE RATE-सीमा शुल्‍क अधिनियम, 1962 (1962 का 52) की धारा 14 द्वारा प्रदत्‍त अधिकारों का उपयोग करते हुए और अधिसूचना संख्‍या 69/2020 – सीमा शुल्‍क (एन.टी.) दिनांक 6 अगस्त, 2020 का अधिक्रमण करते हुए, ऐसे अधिक्रमण से पूर्व की गई अथवा हटाई जाने वाली बातों को छोड़कर, केन्‍द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्‍क बोर्ड एतद् द्वारा यह निर्धारित करता है कि संलग्‍न प्रत्‍येक अनुसूची-I और अनुसूची-II के कॉलम (2) में विनिर्दिष्‍ट प्रत्‍येक विदेशी मुद्रा के भारतीय मुद्रा में और भारतीय मुद्रा के विदेशी मुद्रा में विनिमय की दर 21अगस्त, 2020 से वह दर होगी, जिसका उल्‍लेख आयातित और निर्यातित माल के संबंध में उक्‍त धारा के उद्देश्‍य के लिए कॉलम (3) में दी गई तत्‍संबंधी प्रविष्‍टि में किया गया है

वन नेशन वन राशन कार्ड- अब तक की और आगे की यात्रा

वन नेशन वन राशन कार्ड- अब तक की और आगे की यात्रा एनएफएसए के अंतर्गत ‘देशव्यापी पोर्टेबिलिटी’के माध्यम से देश के सभी प्रवासी लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न की बिना किसी परेशानी के डिलीवरी वन नेशन वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी) योजना का…

Saral Hindi Vidhi Vakya Kosha by Legislative Dept Govt of India:१०० सरल हिंदी विधि बाक्य कोष

१०० सरल हिंदी विधि बाक्य कोष : लेजिस्लेटिव डिपार्टमेंट गोवेर्मेंट ऑफ़ भारत देवनागरी अक्षरमाला SIMPLE HINDI SENTENCES(PDF) Saral Hindi Vakyakosh SIMPLE HINDI SENTENCES(PDF)

आशा-जयशंकर प्रसाद-Asha -Jaishankar Prasad

उषा सुनहले तीर बरसती जयलक्ष्मी-सी उदित हुई,
उधर पराजित कालरात्रि भी जल में अंतर्निहित हुई ।
वह विवर्ण मुख त्रस्त प्रकृति का आज लगा हँसने फिर से ,
वर्षा बीती, हुआ सृष्टि में शरद-विकास नये सिर से।