संतति-नियमन या परिवार नियोजन-OSHO

गरीब की सबसे बड़ी जो दुविधा है, वह है प्राइवेसी का अभाव–भोजन नहीं, कपड़े नहीं। गरीब का सबसे बड़ा दुख है कि उसकी प्राइवेट जिंदगी नहीं हो सकती। वह अगर अपनी पत्नी से भी बात कर रहा हो तो भी पड़ोसी सुनता है। वह अपनी पत्नी से भी प्रेम नहीं कर सकता बिना इसके कि उसके बेटे-बेटी जान लें। गरीब की सबसे बड़ी तकलीफ है कि वह अकेले में नहीं हो सकता। उसकी प्राइवेसी जैसी कोई चीज नहीं है।

Jasmeet Kaur Vs. State (NCT of Delhi) & Anr-12/12/ 2019

It was evident from the conduct of the parties that they had abandoned their domicile of origin i.e. India, had set up their matrimonial home in the U.S. and raised their daughter in that environment. When the Petitioner - wife decided not to return to the U.S. in January, 2016 she acted in her self-interest, and not in the best interest of her children.