Arthashastra of Koutilya Vishnugupta (कौटिल्य अर्थशास्त्र): Original Sanskrit Text
Sarvarthapedia is a comprehensive collection of universal knowledge
कौटिल्येन कृतं शास्त्रं
ओं नमः शुक्र-बृहस्पतिभ्याम्
321-296 BCE
पृथिव्या लाभे पालने च यावन्त्यर्थ-शास्त्राणि पूर्व-आचार्यैः प्रस्थापितानि प्रायशस्तानि संहृत्य एकम् इदम् अर्थ-शास्त्रं कृतम् ।।
अनुक्रमणिका
अधिकरणम् १
अधिकरणम् २
अधिकरणम् ३
अधिकरणम् ४
अधिकरणम् ५
अधिकरणम् ६
अधिकरणम् ७
अधिकरणम् ८
अधिकरणम् ९
अधिकरणम् १०
अधिकरणम् ११
अधिकरणम् १२
अधिकरणम् १३
अधिकरणम् १४
अधिकरणम् १५
Essential Vocabulary of Koutilya Arthashastra (कौटिल्य अर्थशास्त्र)
अकृत्य, अक्ष, अक्षपटल, अक्षशाला, अग्नि, अग्रतस्, अङ्ग, अध्यक्ष, अधिकरण, अधिकार, अधिष्ठान, अनर्थ, अनपाकर्म, अनुग्राह्य, अनुजीवि, अनुयोग, अन्त, अमात्य, अमित्र, अर्थ, अर्थशास्त्र, अशौच, अश्व, अस्वामिविक्रय,
आकर, आचार, आजीविन्, आत्मरक्षितक, आदान, आयुध, आवार, आश्रय, आशुमृतकपरीक्षा, आसन, आहार,
इन्द्रियजय, उपग्रह, उपघात, उपधि, उपनत, उपनायि, उपनिपात, उपयुक्त, उपाय, उपायविकल्प, उपांशुदण्ड, उत्पत्ति, उदासीन, उपजाप, उपरोध, ऋण, एकविजय, एकाङ्गवधनिष्क्रय, एकऐश्वर्य, औपनिधिक, औपनिषदिक,
कक्ष, कन्या, कर्म, काल, कारु, कूटयुद्ध, कृत्य, कृत्याकृत्यपक्ष, कोश, कोशसङ्ग, कोष्ठागार, कौटिल्य, क्षण, क्षय, ग्रहण, गणिका, गाणनिक्य, गुण, गुणाभिनिवेश, गूढपुरुष, गूढाजीविन्, गोाध्यक्ष, गृहपति, घात, चिन्ता, चरित, चित्र, जनपद, जय, ज्यायस्,
तत्त्व, तन्त्रयुक्ति, तापस, तुला, दण्ड, दण्डकर्मिक, दण्डपारुष्य, दत्त, दायविभाग, दासकर्मकरकल्प, दूत, दुर्ग, देश, द्यूत, धर्मस्थीय, नागरिक, नावाध्यक्ष, निशान्तप्रणिधि, निबन्ध, निवेशन, निश्चय, पण्य, पक्ष, पक्षरक्षण, पति, पद, परबलघातप्रयोग, परविषय, परीक्षा, पर्युपासन, परिपणित, प्रकरण, प्रकीर्णक, प्रकर्म, प्रकृति, प्रचार, प्रकाशन, प्रणिधि, प्रतिकार, प्रतिव्यूहस्थापन, प्रत्यानयन, प्रतिबलकर्म, प्रलम्भन, प्रवर्तन, प्रशमन, प्रस्थापन, प्रोत्साहन, फल्गुबल, बल, बाह्य, भरणीय, भेदोपादान, भूमिछिद्रापिधान, भृत्य,
मण्डल, मन्त्र, मन्त्रयुद्ध, मन्त्रिपुरोहितोत्पत्ति, मध्यमचरित, मान, मुद्रा, मित्र, मित्रव्यसनवर्ग, मोक्ष, यान, यात्रा, योग, योगवामन, योगातिसंधान, योगवृत्त, रक्षण, रत्नपरीक्षा, राज्य, राजपुत्ररक्षण, राजप्रणिधि, राजराज्यव्यसनचिन्ता, रथ, रसप्रणिधि, लाभ, विक्रय, विक्रम, विगृह्ययान, विगृह्यासन, विवाद, विवीताध्यक्ष, विवाह, विशिखा, विषय, विष्कम्भ, वृद्धि, वृद्धसमुद्देश, व्यसन, व्यसनाधिकारिक, व्यवहार, व्यायामिक, व्यूह, व्यूहविभाग,
शङ्का, शक्ति, शासन, शास्त्र, शौच, शुल्काध्यक्ष, शुद्ध, श्लोकसहस्र, संधि, संधायकर्म, संनाहगुण, संप्रदाय, संश्रयवृत्ति, संस्थापन, संग्रह, संघवृत्त, समुदय, समुद्देश, समुत्थान, समाहर्तृ, समाधि, सामवायिकविपरिमर्श, सारबल, साहस, सिद्धि, सिद्धव्यञ्जन, सीताध्यक्ष, सुखग्रहण, सूत्राध्यक्ष, सेना, सेनापति, सेनामुख्यवध, सौवर्णिक, स्कन्धावार, स्तम्भवर्ग, स्वबल, स्वविषय, स्वसैन्योत्साहन, स्वस्वामिसम्बन्ध, हस्ति, हस्त्याध्यक्ष, हीनसंधि, हिरण्य।