रत्नत्रय परीक्षा – अप्पय्य दीक्षित (Ratna Traya Pariksha by Appayya Dishita-1593) Law रत्नत्रय परीक्षा – अप्पय्य दीक्षित (Ratna Traya Pariksha by Appayya Dishita-1593) advtanmoy 08/07/2022 नित्यं निर्दोषगन्धं निरतिशयसुखं ब्रह्मचैतन्यमेकं धर्मोधर्मोतिरूपद्वयमयति पृथग्भूय मायावशेन । धर्मस्तत्रानुभूतस्सकलविषयिणी सर्वकार्यानुकूला शक्तिश्चेच्छादिरूपा भवति गुणगणश्चाश्रयस्त्वेक एव Read More Read more about रत्नत्रय परीक्षा – अप्पय्य दीक्षित (Ratna Traya Pariksha by Appayya Dishita-1593)