Hindu

राष्ट्रकामाय होतव्या राष्ट्रं वै राष्ट्रभृतो राष्ट्रेणैवास्मै राष्ट्रम् अव रुन्द्धे राष्ट्रम् एव भवति । आत्मने होतव्या राष्ट्रं वै राष्ट्रभृतो...
দুর্গোৎসব 1861 সালে বাঙ্গালার সংস্কৃতিতে একটি গুরুত্ব রাখে। এ উৎসবের শুরুর সময় রাজা কৃষ্ণচন্দরের আমলে ছিল, কিন্তু...
বয়োবৃদ্ধ পিতৃগণ! বয়ঃকনিষ্ঠ ভ্রাতৃগণ! সমবয়স্ক বন্ধুগণ ! আইস আমরা সকলে সমবেত চেষ্টা দ্বারা আমাদের সমাজের উন্নতি—দেশের উন্নতি...
ते होचुः यो नः श्रमेण तपसा श्रद्धया यज्ञेनाहुतिभिर्यज्ञस्योदृचम्पूर्वोऽवगच्छात्स नः श्रेष्ठोऽसत्तदु नः सर्वेषां सहेति तथेति – १४.१.१.[४] तद्विष्णुः...